फिल्म समीक्षा : एक्शन और इमोशन का अद्भुत संगम है ‘शिवाय’

अरे चिन्टू! तुमने अभी तक ‘शिवाय’ फिल्म नहीं देखी क्या? अगर देख ली हो तो अपना रिव्यु तो दे दो. बहुत दिनों से इंतज़ार कर रहा था इस फिल्म का. उम्मीद करता हूं कि तुम्हें फिल्म अच्छी लगी होगी. क्योंकि अगर तुम्हें अच्छी लगी तो इसका मतलब है कि फिल्म सच में अच्छी है.

भैया इसमें कोई दो राय नहीं है कि फिल्म हर तरह से शानदार है. फिल्म पिता-पुत्री के इमोशनल और लविंग बॉन्डिंग पर आधारित है. फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह से एक पिता अपनी बेटी से परिस्थितियों वश जुदा होने पर भगवान शिव की तरह रौद्र रुप धारण कर लेता है.

फिल्म की पटकथा, सिनेमेटोग्राफी, निर्देशन, शूटिंग साइट्स, एक्शन, रोमांस, इमोशन्स और कलाकारों का अभिनय सब कुछ काबिल ए-तारीफ है. आइये एक-एक करके बताते हैं फिल्म के हर पहलू के बारे में.

कहानी

शिवाय (अजय देवगन) हिमालय की खूबसूरत वादियों के बीच अपनी बेटी गौरा (एबीगेल एम्स) के साथ बेहद खुश है. गौरा की मां ओल्गा (एरिका कार) उन दोनों को कई साल पहले छोड़ कर जा चुकी है. लेकिन जब गौरा को इस बात का पता चलता है कि उसकी मां ज़िंदा है और बुल्गारिया में है तो वह उससे मिलने की ज़िद करती है. शिवाय गौरा को उसकी मां से मिलाने के लिए बुल्गारिया लेकर जाता है जहां कुछ अज्ञात लोग गौरा का अपहरण कर लेते हैं. शुरुआत में शिवाय को अपनी बेटी के एक अंजान देश में अपहरण की वजह समझ नहीं आती, लेकिन जब उसे सच्चाई पता चलती है तो वह गौरा को बचाने के लिए किसी भी हद तक जाने के लिए तैयार हो जाता है. उसके इस काम में उसका साथ देती है अनुष्का (सयेशा सैगल). आगे चलकर अपनी बेटी को बचाने के लिए शिवाय को कई दुश्मनों का सामना करना पड़ता है, तब जाकर वह असली गुनहगार तक पहुंचता है.

कहानी में नकाब लगाये कई खलनायक हैं, और शिवाय उन सबका सामना करता है उनके असली बॉस तक पहुंचने के लिए. अब यह बॉस कौन है और क्या शिवाय अपनी बेटी को बचा पायेगा, ये जानने के लिए आप अपने नज़दीकी सिनेमाघर का रुख कर सकते हैं.

निर्देशन और स्क्रिप्ट

2008 की फिल्म ‘यू मी और हम’ के बाद अजय देवगन ने एक बार फिर से डायरेक्शन की कमान संभाली है और यह भी बख़ूबी साबित कर दिया कि वह सिर्फ एक अच्छे अभिनेता ही नहीं बल्कि एक शानदार निर्देशक भी हैं. दर्शकों की नब्ज़ पकड़ना उन्हें अच्छे से आ गया है. इसीलिए तो एक्शन और इमोशन से लबरेज़ एक ऐसी फिल्म का निर्माण किया है जिसे देखने के बाद दर्शक वाह-वाह कहे बिना नहीं रह सकते.

‘शिवाय’ देखने के बाद आप यही कहेंगे कि अजय को एक्टिंग करने के साथ-साथ फिल्म निर्देशन भी जल्दी-जल्दी करते रहना चाहिए. हम उम्मीद करते हैं कि निर्देशक के तौर पर हमें उनकी अगली फिल्म का इंतज़ार ज़्यादा दिन न करना पड़े.

फिल्म की कहानी की अगर बात करें तो इसे बहुत समझदारी से लिखा गया है. फिल्म का स्क्रीनप्ले भी काफी अच्छा है, लेकिन फिल्म के डायलॉग्स पर और मेहनत की जा सकती थी.

फिल्म को बहुत ही शानदार तरीके से फिल्माया गया है, जिसके लिए सिनेमेटोग्राफर को फुल मार्क्स/और एक्शन सीन्स की तो बात ही मत कीजिये. बॉलीवुड में इतने उम्दा एक्शन वाली फिल्में रोज़-रोज़ नहीं बनती. एक्शन हॉलीवुड फिल्मों से कम नहीं लगते. इसलिए एक्शन कोरियोग्राफर को डिस्टिंक्शन मार्क्स.

अभिनय

आप अजय देवगन की पिछली कई फिल्मों को ले लीजिए. उन फिल्मों का टिकट खिड़की पर चाहें जो हाल रहा हो, लेकिन उनमें अजय के अभिनय कौशल पर कभी भी किसी ने अंगुली नहीं उठाई. ऐसा ही कुछ कहा जा सकता है उनकी इस फिल्म के बारे में भी. फिल्म में उन्होंने जबर्दस्त अभिनय किया है. ख़ासतौर पर फिल्म के एक्शन सीन्स, जिन्हें अजय ने खुद डिजाइन किया है, वे काफी प्रभावशाली हैं.

इससे पहले हम अजय को कई फिल्मों में अभिनय करते देख चुके हैं, लेकिन ‘शिवाय’ उन सभी फिल्मों से चार कदम आगे है. अजय के साथ हिमालय की बर्फीली वादियों में फिल्माए गए कुछ सीन्स तो ऐसे हैं जिन्हें देखकर आप दांतों तले अंगुलियां दबा लेंगे.

इस फिल्म के साथ सयेशा ने बॉलीवुड में डेब्यू किया है. वह अपने किरदार को निभाने में सफल रहीं. अगर बात की जाए एरिका कार की तो उन्होंने भी अपने किरदार को निभाने में काफी मेहनत की है. चाइल्ड आर्टिस्ट एबीगेल एम्स भी काफी प्रभावशाली रहीं. वीरदास समेत फिल्म की सपोर्टिंग कास्ट ने भी अच्छा काम किया है.

गीत-संगीत

फिल्म का म्यूजिक दिया है मिथुन ने. मिथुन के लिए यह साल काफी अच्छा रहा है. उन्होंने साल की शुरुआत की ‘सनम रे’ से. फिल्म का टाइटल ट्रैक इस साल के सबसे सफल गानों में से एक है. फिल्म ‘शिवाय’ में एक बार फिर मिथुन ने अपने म्यूजिक के साथ काफी एक्सपेरिमेंट किया है. फिल्म का टाइटल ट्रैक लोगों को काफी पसंद आ रहा है.

फिल्म के म्यूजिक के साथ-साथ मिथुन ने इसका बैकग्राउंड स्कोर भी तैयार किया है. कुल मिलाकर फिल्म का म्यूजिक अच्छा है.

देखें या न देखें

अगर आप एक्शन फिल्मों के शौक़ीन हैं, तो इतना जान लीजिए कि ‘शिवाय’ साल की सबसे अच्छी एक्शन फिल्म है. ख़ास बात यह है कि फिल्म में बेहतरीन एक्शन सीक्वेंस के साथ-साथ आप एक इमोशनल स्टोरी भी देख पाएंगे.

जानिये, फिल्म देखने के बाद इन युवाओं ने क्या कहा…

फिल्म देखकर सिनेमा हॉल से निकले दर्शकों का क्या कहना है इस फिल्म के बारे में आइये बताते हैं आपको.

बी. कॉम. के स्टूडेंट राजीव रंजन ने कहा, “उन्हें फिल्म बहुत अच्छी लगी, इसमें पिता–पुत्री का भावनात्मक रिश्ता बहुत अच्छा दिखाया गया है और यह मानवीय भावनाओं छूती है.”

बी.बी.ए. की छात्रा प्रियंका ने बताया, “मुझे एबीगेल एम्स का किरदार बहुत अच्छा लगा. वह जिस कदर अपने पापा पर नाराज होती है और फिर अपना प्यार जताती है, यह सब देखकर अजय देवगन के किरदार में मुझे कुछ झलक अपने पापा की देखने को मिली.”

एमबीए कर रहे पवन सिंह ने कहा, “यूं तो मैंने कई फिल्मों में अजय देवगन को एक्शन सीन करते देखा है, लेकिन इस फिल्म में उनके एक्शन सीन कमाल के हैं. फिल्म की कहानी और फिल्मांकन ऐसा है कि यह लगातार आपको बांधे रखता है और अंत तक रोमांच बनाए रखता है.”

बिजनेसमैन अजीत शर्मा ने बताया, “उन्हें यह फिल्म बहुत अच्छी लगी. अजय देवगन, एरिका कार, सयेशा सैगल और दूसरे सभी कलाकारों ने बहुत ही अच्छा अभिनय किया. फिल्म एक्शन के साथ-साथ भावनाओं का शानदार संयोग है.”

फिल्म का नाम: शिवाय

अरे चिंटू रेटिंग: 4

कलाकार: अजय देवगन, सयेशा सैगल, एरिका कार, वीर दास, गिरीश कर्नाड और सौरभ शुक्ला

निर्देशक: अजय देवगन

निर्माता: अजय देवगन

संगीत निर्देशक: मिथुन

शैली: एक्शन-थ्रिलर

अवधि: 2 घंटे 53 मिनट

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