फिल्म समीक्षा- डर की अच्छी पेशकश है ‘द हाउस नेक्स्ट डोर’

अरे चिंटू, इस शुक्रवार एक लो बजज हॉरर फिल्म ‘द हाउस नेक्स्ट डोर’ भी रिलीज हो रही है। जरा बताना तो फिल्म कैसी है। फिल्म देखें या न देखें। जल्दी जल्दी बताओ।

कहानी

फिल्म ‘द हाउस नेक्स्ट डोर’ की कहानी एक न्यूरोसर्जन पति और पत्नी की है। दोनों हिमालय तकी वादियों में रहतो हैं। इनकी जिंदगी मं सब कुछ सही चल रही होता है। लेकिन इनकी जिंदगी में तब अजीबो-गरीब चीजें होने लगती है जब वो लोग हाउस नेक्स्ट डोर में शिफ्ट होते हैं। फिल्म में हॉरर काफी हद तक ठीक है। लेकिन अगर आप हॉलीवुड से तुलना करेंगे तो आप को बहुत सारी कमी नजर आएगी।

डायरेक्शन और स्क्रिप्ट

फिल्म को डायरेक्ट किया है मिलिंद राउ ने। फिल्म की डायरेक्शन काफी हद तक ठीक है। फिल्म के डायरेक्शन से फिल्म की कहानी और थोड़ी बेहतर दिखती है। बाकी पुरानी हॉरर फिल्मों जैसा ही इसको पेश किया गया है। वीएफएक्स थोड़े बेहतर हैं। जिससे फिल्म को आप बर्दाश्त कर लेते हैं।

अभिनय

अभिनय की बात करें तो सभी एक्टर्स यानि कि ज्यादातर एक्टर्स नए हैं। और हॉरर मूवी में वैसे भी किरदाऱों के लिए करने को ज्यादा कुछ नहीं होता है। फिल्म का मेन एक्टर वीएफएक्स ही है। वो काफी बेहतर है।

देखें या न देखें

फिल्म को देखने की सिर्फ एक ही वजह है। और वो है कि अगर आप किसी भी तरह की हॉरर फिल्म देख सकते हैं। तो जरूर देखें क्योंकि लंबे समय के बाद हॉरर फिल्म आई है।

फिल्म- द हाउस नेक्स्ट डोर
रेटिंग- 1 स्टार
डायरेक्टर- मिलिंद राउ
कलाकार- सिद्धार्थ, एंड्रिया जेरेमिया, अतुल कुलकर्णी
शैली- हॉरर
अवधि-  2.12 घंटा

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