फिल्म समीक्षा- आपातकाल की अनदेखी कहानी का आइना है ‘बादशाहो’

अरे चिंटू! साल की सबसे ज्यादा इंतजार वाली फिल्म बादशाहो एक सितंबर को रिलीज हो रही है..और अभी तक तुम्हार रिव्यू नहीं आया..जरा बताओ तो फिल्म कैसी है…फिल्म की कहानी कैसी है…इस फिल्म को लेकर लोगों को काफी उम्मीद है तो बताना जरा कि यह उनकी उम्मीदों पर खरा उतर रही है या नहीं..

कहानी

फिल्म बादशाहो की कहानी 1975 के दशक में लगी आपातकाल के दौर की कहानी है. इस समय सरकार पूरे देश में अघोषित आय को सील कर रही थी.इसी दौरान जयपुर की रानी गायत्री देवी यानिकि इलियाना की भी आघोषित संपत्ति जो कि सोने में होती है, को सरकार सीज कर देती है. इसके बाद सरकार फैसला लेती है कि सारी संपत्ति को जयपुर से दिल्ली सड़क के जरिए दिल्ली लाया जाए…इसके लिए एक पुलिस ऑफिसर की अगुवाई में टीम बनाई जाती है..जो सोने को जयपुर से दिल्ली लेकर आती है. इसी सफर के दौरान की पूरी कहानी है.इसी को लूटने के लिए सभी कोशिश करते हैं.इसमें किसे सफलता हासिल होती है और किसे नहीं..इसके लिए आप को फिल्म देखनी पड़ेगी..फिल्म को काफी अच्छी तरह से बनाया गया है..

स्क्रिप्ट और डॉयरेक्शन

फिल्म की कहानी काफी रोमांचक और एक्शन से भरी पड़ी है.ऊपर से इतने मंझे हुए कलाकारों की वजह से कहानी में और भी दम आ जाता है.फिल्म की कहानी को लिखा है रजत अरोड़ा ने.ये वही रजत अरोड़ा हैं जिन्होंने इससे पहले द डर्टी पिक्चर, किक, टैक्सी नं.9211 की कहानी लिखी है.इसे अलावा उन्होंने अपनी डेब्यू ब्लफमास्टर में बतौर डॉयलॉग देकर शुरू की थी.अरे..चिंटू, इसका मतलब यह है कि फिल्म की कहानी तो बेहतर लिखी गई है. और अब बात करते हैं डायरेक्शन की तो मिलन लूथरिया को बॉलीवुड में किसी परिचय की जरूरत नहीं है..इन्होंने अजय देवगन के साथ 3 फिल्में पहले भी की है..इनकी डायरेक्टोरियल मूवी वन्स अपॉन अ टाइम इन मुंबई को देखेंगे तो आप समझ ही जाएंगे कि फिल्म में गजब की डायरेक्शन है.तो फिल्म बात ऐसी है चिंटू कि फिल्म की कहानी और डायरेक्शन का तो कोई तोड़ नहीं है.अब जरा इसमें कलाकारों के एक्टिंग के बारे में भी तो बताओ.

अभिनय

अरे चिंटू अब सबसे पहले कलाकारों के नाम सुन लो.अजय देवगन, इमरान हाशमी, विद्युत जामवाल, संजय मिश्रा, इलियाना डीक्रूज और ईशा गुप्ता…इनमें से जिनके एक्टिंग के बारे में कोई सवाल ही नहीं उठता उन्हें तो तुम समझ ही गए होगे.बाकियों की अगर बात करें तो इलियाना और ईशा ने भी अपने रोल के साथ इंसाफ किया है.वहीं 70 के दशक के पुलिस कॉप बने विद्युत जामवाल भी अपने रोल में खूब जम रहे हैं.इमरान हाशमी एक आर्मी ऑफिसर बने हैं.लेकिन वो थोड़ा रंगमिजाज टाइप के हैं.तो फिल्म में उनका कैरेक्टर भी थोड़ा कासानोवा टाइप है.इनके साथ ही सन्नी लियोनी का एक आइटम सॉन्ग रखा गया है..साथ ही ईशा गुप्ता के साथ भी एक रेट्रो हिट रखा गया है.तो अब आप इमरान के कैरेक्टर को तो समझ ही गए होगे.संजय मिश्रा और अजय देवगन की एक्टिंग के बारे में हम क्या बताए…वो तो आप किसी से भी पूछ लीजिएगा.रिपोर्ट नंबर एक ही मिलेगी.

गीत-संगीत

फिल्म की संगीत की बात करें तो चिंटू फिल्म के दो गाने तो पुराने ही हैं.उनमें थोड़ा सा लिरिक्स और म्यूजिक बदलकर पेश किया गया है.फिर भी सुनने में मजा आ रहा है.बाकि गाने फिल्म के साथ ही अच्छे लगेंगे.फिल्म में अंकित तिवारी, जॉन स्टीवर्ट, तनिष्क बागची ने संगीत दिया है.इनकी कोशिश काफी हद तक सफल भी होती नजर आ रही है..फिल्म का आइटम सॉन्ग पिया मोरे भी अपने हॉटनेस का जलवा बिखेर रहा है.और सन्नी लियोनी को दोबारा लीला के बाद राजस्थानी गेटअप में देखकर काफी पसंद किया जा रहा है.

देखें या न देखें

बादशाहो फिल्म अजय देवगन की काफी महत्वाकांक्षी फिल्म है.फिल्म 1975 के दशक की है, जिस वक्त देश में आपातकाल लगी थी.तो फिल्म के जरिए कई बातें समझने को मिलेगी.रजत अरोड़ा ने कहानी के साथ सही कलाकारों को चुनकर भी फिल्म देखने की इच्छा लोगों में बढ़ा दी है.वैसे भी इस साल टॉयलेट को छोड़कर अभी तक कोई फिल्म हिट नहीं हुई..लेकिन बादशाहो कड़ी टक्कर देगी..औऱ ऐसी फिल्म बार-बार नहीं आती है.तो अभी टिकट बुक कर लें.कहीं आपके सब्र की वजह से आपको इस वीकेंड इसका टिकट ही न मिल पाए.

फिल्म का नाम– बादशाहो

रेटिंग– 3.5 स्टार

डॉयरेक्टर– मिलन लूथरिया

कलाकार– अजय देवगन, इमरान हाशमी, विद्युत जामवाल, ईशा गुप्ता, इलियाना डीक्रूज

गीत संगीत– अंकित तिवारी, जॉन स्टीवर्ट, तनिष्क बागची

शैली– एक्शन-थ्रिलर

अवधि– 2.15 घंटे

नीचे दिए बटन को क्लिक करके इस पोस्ट को मित्रों में शेयर करें