फिल्म समीक्षा: ए फ्लाइंग जट्ट- चिल्ड्रन बुक जैसी कहानी में जंच गए टाइगर श्रॉफ

अरे चिंटू! आज तो तुम्हारे माफिक फिल्म आई है. सुपरनेचुरल पावर्स, मार-धाड़, चटपटी कॉमेडी और हल्का-फुल्का रोमांस, ऐसी फिल्म जो यंगस्टर्स को बहुत पसंद आएगी.

चचा, आपने सुना तो सही है. एक्शन और सुपर पावर्स के अलावा फिल्म में कॉमेडी और हल्का-फुल्का रोमांस भी है. फिल्म का कंसेप्ट अच्छा है, लेकिन अब देखना यह है कि नया देसी हीरो कितने दिनों तक दर्शकों के दिल पर राज करता है. यानि बॉक्स ऑफिस पर टिकता है. सबसे पहले बात करते हैं फिल्म की कहानी की.

कहानी

यह कहानी है अमन (टाइगर श्रॉफ) की, जो पंजाब की ‘करतार सिंह कॉलोनी’ में अपनी मां (अमृता सिंह) के साथ रहता है. यूं तो अमन एक स्कूल में मार्शल आर्ट्स का टीचर है, लेकिन उसकी मां उससे घरेलू काम भी करवाती है. वहीं स्कूल में उसकी मुलाकात कीर्ति (जैकलीन फर्नांडिस) से होती है. दोनों को एक दूसरे से प्यार हो जाता है. कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब शहर का दबंग इंडस्ट्रियलिस्ट मल्होत्रा (के के मेनन ) विशालकाय राका को अमन की कॉलोनी को नष्ट करने का आदेश देता है. राका अपने बॉस के कहे अनुसार अमन की कॉलोनी को नष्ट करने पहुंचता है तो अमन उसका विरोध करता है, और तब अमन को अहसास होता है कि उसके अंदर सुपर पावर आ चुकी है. तो फिर क्या अमन राका को धूल चटाकार अपनी कॉलोनी और वहां के लोगों का सुपर हीरो बन जाता है. या राका का बल इतना है कि अमन बेबस रह जाता है. यह सब जानने के लिए आपको फिल्म देखनी होगी.

निर्देशन और स्क्रिप्ट

फिल्म की कहानी बहुत साधारण-सी है बिल्कुल चिल्ड्रन बुक्स जैसी. यह संरचना और प्रस्तुति के आधार पर कमजोर है. ‘एबीसीडी’ और ‘एबीसीडी 2’ जैसी फिल्में बना चुके कॉरियोग्राफर और निर्देशक रेमो डीसूजा ने शायद यह फिल्म बाल दर्शकों को टारगेट करते हुए बनाई होगी, लेकिन उन्हें यह बात अच्छी तरह समझ लेनी चाहिए कि जब भी कुछ अजीब और नया दिखता है, सबसे ज्यादा सवाल बच्चे ही करते हैं. तो क्या बच्चों को इस फिल्म की कहानी हजम हो पाएगी.

कहानी को छोड़कर अगर फिल्म के एक्शन सीन्स और सिनेमेटोग्राफी की बात की जाए तो वह शानदार है और आकर्षित करती है. इसके अलावा फिल्म में कुछ शिक्षाएं भी देने की कोशिश की गई हैं. जैसे प्रदूषण क्यों हानिकारक है, कार चलाते वक्त सीट बेल्ट क्यों जरूरी होती है आदि, आदि. वहीं सरदार के 12 बजने के पीछे की क्या कहानी है, वह भी आप शायद पहली बार किसी फिल्म के जरिये सुनेंगे.

अभिनय

अगर आपने पहले भी टाइगर श्रॉफ की फिल्में देखी हैं तो इतना तो आप समझ ही गए होंगे उनके अभिनय की सीमा है. उनमें गति और चपलता तो जरूर है, लेकिन अभिनय में अव्वल दर्जे के भाव दिखा पाना उनके बूते की बात नहीं, इसलिए फिल्म निर्माता रोल भी उन्हीं के माफिक देते हैं जिनमें एक्शन, डांस और गुलाटियां मारने के अलावा ज्यादा कुछ नहीं करना होता है, और यह काम टाइगर ने एक बार फिर बखूबी किया है. बच्चे उन्हें पहले से ही पसंद करते हैं और इस फिल्म के बाद तो वह उन्हें और भी पसंद आएंगे.

फिल्म की हीरोइन जैकलीन की बात की जाए तो उन्हें समझ लेना चाहिए कि वह कोई आठ साल की बच्ची नहीं हैं जो बचकानी हरकतें और वजह बेवजह मुस्कुरा कर लोगों का दिल जीत लेंगी. उन्हें सीन और रोल को समझना चाहिए. वैसे अगर उन्हें गंभीरता से न लिया जाए तो वह अच्छी लगती हैं.

टाइगर और जैकलीन के अलावा टाइगर की मां बनी अमृता सिंह, विलेन बने नाथन जॉन्स और बैडमैन के किरदार में के के मेनन अच्छे लगे, लेकिन उनका रोल यादगार नहीं कहा जा सकता है.

गीत-संगीत

फिल्म का गाना ‘बीट पे बूटी…’ पहले ही सोशल मीडिया हिला चुका है. कई स्टार्स ने इस गाने पर डांस कर अपने विडियो शेयर किये हैं जिससे यह काफी मशहूर हो चुका है. इसके अलावा फिल्म में और भी गाने हैं. लेकिन ऐसा लगता है कि वे फिल्म को खींच कर लंबा बनाते और जाहिर है बेवजह लगते हैं.

देखें या न देखें

अगर आपको टाइगर श्रॉफ के एक्शन्स और जैकलीन की चुलबुली इमेज अच्छी लगती है, तो यह फिल्म देख सकते हैं. वहीं बच्चों को हिंदी सिनेमा का यह नया  सुपर हीरो जरूर पसंद आएगा.

 

फिल्म का नाम: ए फ्लाइंग जट्ट

अरे चिंटू रेटिंग: 3 अंक

कलाकार: टाइगर श्रॉफ, जैकलीन फर्नांडिज, नाथन जॉन्स, अमृता सिंह

निर्देशक: रेमो डीसूजा

निर्माता: बालाजी मोशन पिक्चर्स

संगीत: सचिन जिगर

शैली: एक्शन

अवधि: 1 घंटा 51 मिनट

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