फिल्म समीक्षा: ‘हर एक वोट जरूरी होता है’ की बेहतरीन तरीके से प्रस्तुति है ‘न्यूटन’

अरे चिंटू…इस शुक्रवार कौन सी फिल्म आ रही है, उसकी समीक्षा तो बताओ। फिल्म कैसी है और कहानी कैसे हैं, जरा सबके बारे में विस्तार से बताओ।

कहानी

इस शुक्रवार यानिकि 22 सितंबर को रिलीज हो रही है फिल्म ‘न्यूटन’। सबसे पहले बात करते हैं फिल्म की कहानी की। फिल्म में नूतन कुमार उर्फ न्यूटन बने राजकुमार राव की नई-नई सरकारी नौकरी लगती है। जिसके बाद वो अपने काम को लेकर काफी ईमानदार होता है। फिर उसे नकस्लाइट्स एरिया में इलेक्शन कराने को भेजा जाता है। जहां पर जाने पर उसे काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। यहां पर नक्सलियों की ओर से गोरिल्ला अटैक बहुत सारी परेशानियां न्यूटन के साथ खड़ी होती है। इसमें उनके साथ पुलिस इंस्पेक्टर बने पंकज त्रिपाठी नक्सली इलाके में इलेक्शन कराने में न्यूटन की  मदद करते हैं। फिल्म के आखिरी में क्या होता है इसके लिए आपको शुक्रवार यानि कि 22 सितंबर तक का इंतजार करना पड़ेगा।

स्क्रिप्ट और डायरेक्शन

2014 में फिल्म सुलेमनी कीड़ा के साथ भारतीय फिल्म में अपनी डेब्यू करने वाले अमित मशुर्कर एक बार फिर न्यूटन लेकर हाजिर हैं। फिल्म न्यूटन की कहानी भी अमित ने मयंक तिवारी के साथ मिलकर लिखी है। फिल्म को छत्तीसगढ़ के नक्सली इलाकों की पृष्ठभूमि पर फिल्माया गया है। अमित की डायरेक्शन स्टाइल बहुत ही जुदा है। वो फिल्मों को कहानी सुनाने जैसा डायरेक्ट करते हैं। फिल्म में अमित की डायरेक्शन बहुत ही बेहतरीन है।

अभिनय

फिल्म में पंकज त्रिपाठी और राजकुमार राव हैं, तो अभिनय के बारे में क्या बात करें। हर बार की तरह इन दोनों कलाकारों ने बेहतरीन परफॉर्मेंश दी है। राजकुमार राव जहां सरकारी कर्मचारी की भूमिका में शानदार दिख रहे हैं तो वहीं पुलिस बने पंकज त्रिपाठी भी कहीं से राजकुमार से 19 नहीं साबित हो रहे हैं।अभिनय के लिए तो दोनों को फुल में से फुल मार्क मिलते हैं।

गीत-संगीत

फिल्म में नरेन चंदावर्कर और बेनेडिक्ट टेलर ने म्यूजिक दिया है। फिल्म में एक ही गाना है ‘चल अपना तू काम कर ले…’ जो कि फिल्म की आखिरी में क्रेडिट लाइन के साथ चलता है। बाकि फिल्म में बैकग्राउंड म्यूजिक शानदार है। तो इस फिल्म में गाने को लेकर ज्यादा मेहनत नहीं की गई है।

देखें या न देखें

फिल्म ‘न्यूटन’ भारत में रिलीज से पहले इसका कई अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इसका प्रीमियर किया गया। बर्लिन फिल्म फेस्टिवल में इसके प्रीमियर के दौरान इसे स्टैंडिंग ओवेशन के साथ कई अवॉर्ड भी मिले। तो यह फिल्म काफी मनोरंजन के साथ बनाई गई है। फिल्म की कहानी पर राजकुमार राव औऱ पंकज त्रिपाठी का अभिनय चार चांद लगाता है। फिल्म को आपको जरुर देखना चाहिए। न देखने कि सिर्फ एक वजह हो सकती है कि आपको अच्छी फिल्में पसंद न हो।

फिल्म– न्यूटन

रेटिंग– 4 स्टार

शैली– कॉमेडी

डायरेक्टर– अमित मशुर्कर

कलाकार– राजकुमार राव, पंकज त्रिपाठी

संगीत– नरेन चंदावर्कर और बेनेडिक्ट टेलर

अवधि– 1.46 घंटे

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