फिल्म समीक्षा: साथ-साथ मरने वाली, नहीं जीने वाली कहानी है ‘करीब करीब सिंगल’

अरे चिंटू, इस शुक्रवार इरफान खान और पार्वती की फिल्म ‘करीब करीब सिंगल’ रिलीज हो रही है। जरा बताना तो फिल्म कैसी है। फिल्म देखें या न देखें। जल्दी जल्दी बताओ।

कहानी

फिल्म की कहानी दो ऐसे लोगों की है जो एक सफर पर अपने-अपने जीवन साथी की तलाश में निकलते हैं। इन दोनों का किरदार निभा रहे हैं इरफान खान और पार्वती। इस तलाश में दोनों एक दूसरे के दुख बांटते हैं। घुमते हैं। और दोनों में प्यार होने लगता है। दोनों को एक-दूसरे का साथ काफी पसंद आने लगता है। अंत में क्या होता है उसके लिए आप को सिनेमाघरों का रुख करना पड़ेगा।

डायरेक्शन और स्क्रिप्ट

फिल्म को डायरेक्ट किया है तनुजा चंद्रा ने और फिल्म की कहानी लिखी है कामना चंद्रा ने। फिल्म की कहानी काफी बेहतरीन लिखी गई। फिल्म के नाम में सिंगल में दो बार एल आता है। जिससे इस फिल्म की कहानी ही समझ आती है कि सिंगल रहते हुए भी एक दूसरे का साथ दिया जा सकता है। फिल्म की कहानी के साथ बेहतरीन डायरेक्शन फिल्म में नयापन ला रहा है।

गीत संगीत

फिल्म में संगीत दिया है रोचक कोहली और विशाल मिश्रा ने। फिल्म का संगीत काफी बेहतरीन है। गानों को काफी पसंद किया जा रहा है। कुल मिलाकर आप फिल्म के गानों को फिल्म के अलावा भी सुन सकते हैं। अच्छा लगेगा।

अभिनय

इरफान खान की एक्टिंग के तो कायल हॉलीवुड तक के लोग हैं। तो उनके अभिनय के बारे में जितना बात किया जाए वो तो कम ही होगा। बात करें साउथ में कमाल करने वाली हीरोइन पार्वती, जोकि इस फिल्म के साथ बॉलीवुड में डेब्यू कर रही है। उनके अभिनय से लगता नहीं है कि वो अपनी पहली बॉलीवुड फिल्म कर रही हैं। उनका आत्मविश्वास उनके किरदार के साथ बिल्कुल सटिक बैठ रहा है।

देखें या न देखें

फिल्म की कहानी में नयापना है। फिल्म में किरदार बेहतरीन हैं। फिल्म के लोकेशन्स भी काफी शानदार हैं। तो कुल मिलाकर आप फिल्म को सिनेमाहाल में देखकर पछताएंगे नहीं।

फिल्म- करीब करीब सिंगल
रेटिंग- 3 स्टार
डायरेक्टर- तनुजा चंद्रा
कलाकार- इरफान खान, पार्वती
शैली- रोमांटिक कॉमेडी
अवधि- 2.05 घंटा

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