फिल्म समीक्षा: ‘कहानी’ से बेहतर नहीं तो कम भी नहीं है ‘कहानी 2’

अरे चिंटू! कहां हो तुम? और कहाँ है तुम्हारा इस वीक की फिल्म ‘कहानी 2‘ का रिव्यू ? तुमने फिल्म देख ली कि अभी नहीं ? अगर देख ली हो तो मेरे सब्र की परीक्षा न लो और जल्दी से इसका रिव्यू बता दो. फिल्म मुझे अकेले देखनी होती तो बात अलग थी. पूरा परिवार यह फिल्म देखने की ज़िद लेकर बैठा है. मैंने उनसे कह दिया है कि फिल्म के टिकेट्स मैं तभी बुक करूंगा जब मैं तुम्हारा रिव्यू पढ़ लूंगा. तो अब जल्दी से बता भी दो कि कैसी है फिल्म.

एक अच्छी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म सिनेमाहाल में ख़त्म नहीं होती, बल्कि वह कई दिनों तक आपके जेहन में रहती है. वर्ष 2012 में जब ‘कहानी’ रिलीज़ हुयी थी तो किसी ने सोचा नहीं था कि एक महिला-प्रधान फिल्म भी बॉक्स-ऑफिस पर इस तरह का धमाल मचा सकती है. यूं तो फिल्म की टिकट खिड़की पर शुरुआत काफ़ी धीमी थी, लेकिन वर्ड ऑफ़ माउथ पब्लिसिटी के दम पर इसके कलेक्शन में इतना उफान आया कि ‘कहानी’ उस साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में से एक बनकर उभरी. तो क्या इसका सीक्वल ‘कहानी 2’ भी ऐसा ही कुछ कारनामा करेगी? आइये जानते हैं.

कहानी

‘कहानी 2’ एक ऐसी रहस्यमयी औरत (विद्या बालन) की कहानी है जिसकी बेटी का अपहरण हो चुका है. किसने किया है उसकी बेटी को अगवा, किसी को कुछ भी नहीं पता. अपनी बेटी को ढूढ़ने के लिए वह कुछ ऐसा करती है जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती. ऐसा क्या किया है इस दोहरी ज़िंदगी जीने वाली औरत ने, ये जानने के लिए आप फिल्म देख सकते हैं.

स्क्रिप्ट और डायरेक्शन

फिल्म की कहानी में उतना ही दम है जितना कि इससे उम्मीदें थी. लेकिन अगर आप सस्पेंस फिल्मों के दीवाने हैं और सैकड़ों हॉलीवुड और बॉलीवुड की सस्पेंस-थ्रिलर फिल्में देख चुके हैं तो क्लाइमेक्स तक पहुंचने से पहले फिल्म क्या मोड़ लेगी आप भांप लेंगे. लेकिन फिर भी फिल्म आपको आपकी सीट से जकड़े रहती है. आप दिल थामकर यह जानना चाहते हैं कि सब कुछ वैसा ही होने वाला है जैसा कि आपने सोचा था, या फिर आपकी सोच के बिल्कुल विपरीत. जो लोग इस जॉनर की फिल्में जरा कम देखते हैं, उनके लिए फिल्म में कुछ भी प्रेडिक्ट करना बड़ा मुश्किल होगा.

बात की जाये अगर फिल्म के डायरेक्शन की, तो जॉय घोष ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वो एक बेहतरीन निर्देशक हैं, लेकिन शर्त यह है कि उन्हें एक अच्छी स्क्रिप्ट का साथ मिले. अगर ऐसा होता है तो वह ‘कहानी’ और ‘कहानी 2’ जैसी फिल्म बना सकते हैं. उनकी इस फिल्म की सबसे ख़ास बात यह है कि इसे हर दर्शक वर्ग देख सकता है. फिल्म सिंगल स्क्रीन ऑडियंस को भी उतनी ही भायेगी जितनी कि मल्टीप्लेक्स ऑडियंस को.

अभिनय: ‘कहानी’ की ही तरह ‘कहानी 2’ भी पूरी तरह विद्या बालन के कन्धों पर टिकी है. फिल्म में जब आप उन्हें उनके सादा रोल में देखेंगे तो देखते ही रह जायेंगे. अरे चिन्टू के साथ कुछ दिन पहले हुए साक्षात्कार में विद्या ने बिल्कुल सच ही कहा था कि अगर वो न होतीं तो ‘कहानी’ भी न होती. इस फिल्म में, ख़ासकर इस किरदार में, विद्या के अलावा आप किसी दूसरी एक्ट्रेस की कल्पना ही नहीं कर सकते. उन्होंने जिस तरह से, जिस शिद्दत से इस किरदार को जीया है, उस तरह के समर्पण की आप हर किसी कलाकार से कल्पना भी नहीं कर सकते. विद्या को अपनी इस परफॉरमेंस के लिए हमारी तरफ से डिस्टिंक्शन मार्क्स.

फिल्म में विद्या के अलावा दूसरा कलाकार जो अपना प्रभाव छोड़ने में सफ़ल रहता है वह हैं अर्जुन रामपाल. एक महिला-प्रधान फिल्म होने की वजह से मुमकिन है कि सबका ध्यान विद्या की तरफ जायेगा. लेकिन अर्जुन ने भी इंस्पेक्टर के किरदार के साथ पूरा न्याय किया है. फिल्म की सपोर्टिंग कास्ट ने भी अपने-अपने किरदारों को अच्छे से निभाया है.

गीतसंगीत

एक सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म में गाने जितने कम हों उतना ही अच्छा. क्लिंटन सेरेजो के संगीत से सजी ‘कहानी 2’ में सिर्फ दो गाने हैं, और दोनों में से ऐसा कोई भी सॉन्ग नहीं है जो फिल्म के फ्लो को ब्रेक करे. अरिजीत सिंह का गाया हुआ ‘मेहरम’ दिल को छू लेने वाला गीत है. गाने के लिरिक्स लिखे हैं अमिताभ भट्टाचार्य ने, और मानना पड़ेगा कि अपने सरल बोलों से उन्होंने जादू कर दिया है. ‘और मैं खुश हूं’ फिल्म का दूसरा गीत है. पहले गीत की तुलना में यह गाना थोड़ा फीका है.

देखें या देखें: बॉलीवुड में अच्छी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्मों का वैसे भी टोटा है. और उस पर भी आप अगर ‘कहानी 2’ जैसी बेहतरीन फिल्म मिस कर गए तो अगली अच्छी सस्पेंस-थ्रिलर फिल्म के इंतज़ार में आपकी आंखें पथरा जाएंगी. इसीलिए बेहतर होगा कि आप अपने बिजी शेड्यूल से कुछ वक़्त निकाल कर ‘कहानी 2’ को सिनेमाघरों में देख आये. फिक्र न करें, फिल्म आपके पूरे पैसे वसूल कराएगी.

 

फिल्म का नाम: कहानी 2

अरे चिंटू रेटिंग: 4 अंक

कलाकार: विद्या बालन, अर्जुन रामपाल, नाएशा खन्ना

निर्देशक: सुजॉय घोष

संगीतनिर्देशक: क्लिंटन सेरेजो

शैली: सस्पेंस-थ्रिलर

अवधि: 2 घंटे 9 मिनट

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