बाप और बेटे के खूबसूरत रिश्तों का सुस्वाद भोज्य है ‘शेफ’

अरे चिंटू..इस फ्राइडे वैसे तो कई फिल्में रिलीज होने वाली थी, लेकिन आज सिर्फ सैफ अली खान की फिल्म ‘शेफ’ ही रिलीज हो रही है। बाकि जूली 2 और अक्सर 2 की रिलीज की तारिख को आगे बढ़ा दिया गया है। तो आपको बताते हैं कि ‘शेफ’ में क्या है खास औऱ क्या रह गई कमी।

कहानी

फिल्म की कहानी साल 2014 में आई अमेरिकी फिल्म ‘शेफ’ का भारतीय संस्करण है। तो ज्यादातर लोगों को इसकी कहानी अच्छी लगेगी। फिल्म में एक तलाकशुदा बाप जो कि शेफ है और उसके बेटे के साथ रिश्ते खी कहानी है। अपनी नौकरी में व्यस्त बाप अपने बेटे को बिल्कुल भी टाइम नहीं दे पाता है। और आखिरी में वो नौकरी छोड़कर खुद का फूड बिजनेस शुरू करता है। इन्हीं सबके इर्द गिर्द कहानी आगे बढ़ती है। और अंत में क्या होता है। इसके लिए सिनेमाघरों का रुख करना पड़ेगा।

स्क्रिप्ट और डायरेक्शन

फिल्म की कहानी लिखी है रितेश शाह, सुरेश नायर और राजा कृष्ण मेनन ने और फिल्म के डायरेक्ट किया है राजा कृष्ण मेनन ने। फिल्म की कहानी बॉलीवुड के नजरिए से नया है। 100 साल के बॉलीवुड के सफर पर  कई ऐसे सब्जेक्ट है जिन्हें अभी भी बॉलीवुड नहीं कह पाया है। ऐसे में ऐसी फिल्म जो कि पहले ही अमेरिकी वर्जन में काफी बेहतरीन साबित हो चुकी हो। उसका रिमेक बनाना वाकई में चैलेंजिंग है। डायरेक्शन के लिए राजा कृष्ण मेनन की तारीफ करना चाहिए। फिल्म को काफी बेहतर तरीके से डायरेक्ट किया है।

अभिनय

फिल्म में पहली बार सैफ अली खान एक किशोर उम्र के बच्चे के पिता का किरदार निभा रहे हैं। इस फिल्म को सैफ अली खान की फ्लॉप फिल्मों के बाद एक अच्छी वापसी मानी जा सकती है। फिल्म में सैफ अली खान का अभिनय बेहतरीन है। वहीं उनके साथ उनकी पत्नी के रोल में पदमप्रिया हैं जो कि एक डांसर बनी है। काफी सरल रोल कर उन्होंने भी दर्शकों के दिलों पर छाप छोड़ने की कोशिश की है। फिल्म में स्वर कांबले ने सैफ के बेटे का किरदार निभाया है। सैफ एक ऐसे पिता बने हैं जो शराब फीती है, सिगरेट भी पीता है। और अपने बेटे और परिवार के लिए अपनी ट्रक फूड बिजनेस शुरू करता है। इन्ही खट्टी मीठी बातों के साथ फिल्म में क्या वो अपने बिजनेस में कामयाब हो पाता है। यह जानने के लिए टिकट कराइए और फिल्म देख कर आइए।

गीत-संगीत

फिल्म में रघु दीक्षित और अमाल मलिक ने संगीत दिया है। फिल्म के गाने तो ज्यादा पापुलर नहीं हुए। लेकिन आपको फिल्म में इन्हें देखने पर अच्छा लगेगा। गाने अच्छे हैं पर शायद सही तरीके से प्रमोशन न होने की वजह से उतने पॉपुलर नहीं हुए जितने की होने चाहिए। उम्मीद है कि फिल्म को देखने के बाद इनके गानों को सुनने की कोशिश करेंगे।

देखें या न देखें

अरे चिंटू आपसे कहता है कि ऐसी फिल्में बॉलीवुड में बहुत कम बनती हैं। और एक बार फिर से बहुत दिनों बाद सैफ अली खान की बेहतरीन एक्टिंग देखने के लिए यह फिल्म आपको जरूर देखना चाहिए।इसके अलावा अगर आपने अमेरिकन फिल्म शेफ, जिसपर की यह फिल्म आधारित है, देख रखी है तो आप नहीं भी देख सकते हैं। फिर भी आपको अरे चिंटू इस फिल्म को एक बार जरूर देखने को कहेगा।

फिल्म- शेफ

कलाकार- सैफ अली खान, स्वर कांबले, पदमप्रिया

रेटिंग- 2.5 स्टार

डायरेक्शन– राजा कृष्ण मेनन

शैली- फैमिली ड्रामा

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