अजय देवगन की ‘रेड’ है शूटिंग मोड पर

बॉलीवुड के मंच पर जल्दी एक नई कहानी के साथ नजर आने वाले हैं अजय देवगन। गोलमाल अगेन की बेहतरीन सफलता के बाद अब अजय फिल्म ‘रेड’ के साथ जल्द ही बड़े पर्दे पर नजर आएंगे। खबरों की माने तो फिल्म की…

फिल्म समीक्षा : एक्शन और इमोशन का अद्भुत संगम है ‘शिवाय’

अरे चिन्टू! तुमने अभी तक ‘शिवाय’ फिल्म नहीं देखी क्या? अगर देख ली हो तो अपना रिव्यु तो दे दो. बहुत दिनों से इंतज़ार कर रहा था इस फिल्म का. उम्मीद करता हूं कि तुम्हें फिल्म अच्छी लगी होगी. क्योंकि…

के बारे में

  • जन्म: 1963-03-05
  • जन्म स्थान: गोरखपुर (उत्तरप्रदेश)
  • राशि: मेष

सामाजिक जानकारी

सौरभ शुक्‍ला भारतीय फिल्‍म अभिनेता, थियेटर कलाकार, टेलीविजन एक्‍टर, निर्देशक और स्‍क्रीनराइटर हैं. वह ‘सत्‍या’, ‘बर्फी’, ‘जॉली एलएलबी’, ‘किक’ और ‘पीके’ जैसी फिल्‍मों में निभाए गए अपने अभिनय की वजह से जाने जाते हैं. उनका जन्म 5 मार्च 1963 को गोरखपुर (उत्तरप्रदेश) में हुआ. सौरभ जब दो साल के थे तभी उनके परिवार ने दिल्‍ली का रूख कर लिया था. स्‍कूली पढ़ाई के बाद, उन्‍होंने स्‍नातक की पढ़ाई के लिए दिल्‍ली का खालसा कॉलेज ज्‍वाइन कर लिया.

उनके प्रोफेशनल करियर की शुरूआत 1984 से हुई जब उन्‍होंने थियेटर ज्‍वाइन कर लिया. 1986 में उन्‍होंने गंभीर रूप से थियेटर शुरू किया जब ए व्‍यू फ्रॉम द ब्रिज(आर्थर मिलर), लुक बैक इन एंगर(जॉन एसबॉर्न), घाशीराम कोटवाल (विजय तेंदुलकर) जैसे नाटकों में उन्‍होंने अभिनय किया. सन् 1991 में उन्‍होंने एक्‍टर के रूप में नेशनल स्‍कूल ऑफ ड्रामा ज्‍वाइन कर लिया. अगले ही साल उन्‍हें बड़ा ब्रेक मिला जब रजत कपूर उनके अभिनय से प्रभावित हुए और अपनी फिल्‍म ‘बैंडिट क्‍वीन’ में रोल ऑफर किया. सौरभ ने 1994 में दूरदर्शन के क्राइम ड्रामा ‘तह‍कीकात’ में विजय आनंद के साथ सह-अभिनेता के तौर पर गोपी नाम के किरदार को निभाया.

सौरभ शुक्ला को फिल्मों में बड़ा ब्रेक दिया राम गोपाल वर्मा ने. उन्‍होंने रामगोपाल वर्मा के साथ सह-लेखन किया और फिल्‍म में गैंग्‍सटर कल्‍लू मामा का किरदार निभाया. इस फिल्‍म के लिए उन्‍हें अनुराग कश्‍यप के साथ बेस्‍ट स्‍क्रीनप्‍ले का स्‍टारस्‍क्रीन अवार्ड मिला. 2014 में उन्‍हें फिल्‍म ‘जॉली एलएलबी’ में निभाए गए अपने सहायक अभिनेता के किरदार के लिए राष्‍ट्रीय फिल्‍म पुरस्‍कार से सम्‍मानित किया गया. उनके मुख्य फिल्मों में ‘बैडिंट क्‍वीन’, ‘सत्‍या’, ‘ताल’, ‘बादशाह’, ‘हे राम’, ‘मोहब्‍बतें’, ‘नायक: द रियल हीरो’, ‘ये तेरा घर ये मेरा घर’, ‘ये दिल’, ‘कलकत्‍ता मेल’, ‘हजारों ख्‍वाहिशें ऐसी’, ‘युवा’, ‘लगे रहो मुन्‍नाभार्इ’, ‘बर्फी’, ‘जॉली एलएलबी’, ‘गुंडे’, ‘मैं तेरा हीरो’, ‘किक’, ‘पीके’ जैसी फिल्में शामिल हैं.