के बारे में

  • जन्म: 1938-05-19
  • जन्म स्थान: महाराष्ट्र
  • राशि: वृषभ

सामाजिक जानकारी

गिरीश कर्नाड जाने माने कहानीकार, फिल्म निर्देशक और अभिनेता हैं. लेखक, पत्रकार, अभिनेता और निर्देशक, इन सभी भूमिकाओं को आपने बखूबी एक साथ निभाया है. कन्नड़ साहित्य के सृजनात्मक लेखन के लिए उन्हें भारत के सर्वाधिक प्रतिष्ठित ‘ज्ञानपीठ पुरस्कार’ से भी सम्मानित किया जा चुका है. उनका जन्म 19 मई 1938 को महाराष्ट्र के माथेरान में हुआ था. बचपन से ही उनका झुकाव साहित की तरफ था. वह अपनी स्कूली समय से ही कर्नाड ने थियेटर से जुड़ चुके थे. अपनी स्नातक पूरी करने के बाद वे इंग्लैण्ड चले गए और वहीं पर आगे की शिक्षा पूर्ण की. भारत वापस लौटने पर गिरीश कर्नाड ने मद्रास में सात साल तक ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी में कार्य किया, लेकिन कुछ ही समय बाद यह कार्य छोड़ दिया. बाद में शिकागो गए और एक प्रोफेसर के रूप में काम किया. इसके बाद पुन: भारत लौटने पर इन्होंने अपने साहित्य के ज्ञान से क्षेत्रीय भाषाओं में कई फिल्मों का निर्माण किया और पटकथा कार्य भी करने लगे.

लगभग चार दशकों से गिरीश कर्नाड नाटक के क्षेत्र में रचनात्मक रूप से सक्रिय हैं. उनके नाटकों को इब्राहिम अलकाजी, ब.ब. कारंत, आलोक पद्मसी, अरविंद गौड़, सत्यदेव दुबे, विजय मेहता, श्यामानंद जालान और अमल अल्लाना जैसे थिएटर और रंगमंच के लब्धप्रति‍ष्ठ निर्देशकों ने निर्देशित किया है. गिरीश कर्नाड केवल एक सफल पटकथा लेखक ही नहीं, बल्कि एक बेहतरीन फिल्म निर्देशक भी हैं. उन्होंने वर्ष 1970 में कन्नड़ फिल्म ‘संस्कार’ से अपने सिने कैरियर को प्रारम्भ किया था. इस फिल्म की पटकथा उन्होंने स्वयं ही लिखी थी. इस फिल्म को कई पुरस्कार प्राप्त हुए थे. इसके पश्चात उन्होंने कई फिल्में की.

उन्होंने कई हिन्दी फिल्मों में भी काम किया था. इन फिल्मों में ‘निशांत’, ‘मंथन’ और ‘पुकार’ आदि उनकी कुछ प्रमुख फिल्में हैं. गिरीश कर्नाड ने छोटे परदे पर भी अनेक महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम और सीरियल पेश किए हैं. उनके कुछ नाटक, जिनमें ‘तुगलक’ आदि आते हैं, सामान्य नाटकों से कई मामलों में पूरी तरह से भिन्न हैं. गिरीश कर्नाड ‘संगीत नाटक अकादमी’ के अध्यक्ष पद को भी सुशोभित कर चुके हैं. उन्होंने डाक्टर सरस्वती गणपति से शादी की. वह कई फिल्मों में अभिनय भी करते हुये नजर आये. हाल ही में आई फिल्म ‘शिवाय’ में भी वह नजर आये थे.