जानिए, एक्टर शाहरुख खान कहाँ बने तीसरी बार ‘डॉक्टर’

मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय (एमएएनयूयू) ने सोमवार को फिल्म अभिनेता शाहरुख खान को डॉक्टरेट की मानद उपाधि से नवाजा. उन्हें यह उपाधि अपनी फिल्मों के जरिए उर्दू भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने में असाधारण योगदान के लिए दी गई है. विश्वविद्यालय के कुलपति जफर सरेशवाला ने विश्वविद्यालय के छठे दीक्षांत समारोह में शाहरुख को यह उपाधि प्रदान की. स्नातक गाउन पहने और चश्मा लगाए शाहरुख खान को यह उपाधि छात्रों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच दी गई. इससे पहले भी उन्हें दो बार डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिल चुकी है. पहले उन्हें फ्रांस के सर्वोच्च सम्मान द लीगन ऑफ ऑनर और एडिनबर्ग यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की मानद उपाधि मिल चुकी है.

अपने संक्षिप्त संबोधन में शाहरुख खान ने विश्वविद्यालय को इस सम्मान के लिए धन्यवाद दिया. इस मौके पर शाहरुख खान ने अपनी मां को याद करते हुए कहा कि मैं इस सम्मान को पाकर बेहद खुश हूँ. मेरी मां आज बहुत खुश होंगी कि मुझे हैदराबाद में इस सम्मान से नवाजा गया है. शाहरुख ने बताया कि हैदराबाद मेरी मां का जन्म स्थान है.

शाहरुख-खान
मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय में अभिनेता शाहरुख खान हैदराबाद में सोमवार को डॉक्टर की मानद उपाधि लेने जाते हुए.

 

अभिनेता ने कहा कि उनके पिता मौलाना अबुल कलाम आजाद के अनुयायी थे. उन्होंने कहा, “मैंने सुना है कि मेरे पिता ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा था और उनकी जमानत जब्त हो गई थी.”

शाहरुख ने कहा कि मेरे पिता बेहतरीन उर्दू और फारसी बोलते थे. उन्होंने कहा, “जो भी थोड़ा बहुत मेरे पास बोलने का तरीका है, यह उन्हीं की वजह से है.”

उन्होंने कहा, “मैं समझता हूं कि यह शिक्षा के क्षेत्र और उर्दू व भाषा के क्षेत्र की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है. अपने कार्य के जरिए जो थोड़ा-बहुत मैं कर सकूंगा, मैं वादा करता हूं कि मैं अपनी क्षमता के अनुसार बेहतरीन प्रयास करूंगा.”

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