ये हैं साल 2017 के 10 बेहतरीन डायलॉग जो चढ़ गए लोगों की ज़ुबान पर

साल 2017 में भी बहुत अच्छी फ़िल्में रिलीज़ आई और गई. कुछ फ़िल्में लोगों की फेवरेट लिस्ट में शामिल हुई तो कुछ कब रिलीज़ हुई किसी को पता भी नहीं चला. खैर जो भी जो अच्छा-बुरा ज़िन्दगी की रीत हैं जो यूँ ही चलती रहती है. यह साल हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिये अलग-अलग विषयों पर बनी फिल्मों के नाम रहा. बायोपिक, रोमांटिक, स्पोर्ट्स ड्रामा, थ्रिलर सहित तमाम फिल्में आई. आज हम आपको याद दिला रहे हैं इस साल के 10 जबदस्त डायलॉगस जिनको दर्शकों ने बहुत पसंद किया.

रुस्तम (मेरी यूनिफार्म मेरी आदत है…)

1950 के दशक के मशहूर नानावटी केस पर आधारित फिल्म ‘रुस्तम’ में यूँ तो कई अच्छे डायलॉग थे. लेकिन इस फिल्म का जो सबसे फेमस डायलॉग है वह हैं ये दो डायलॉग ‘मेरी यूनिफार्म मेरी आदत है, जैसे कि सांस लेना, अपने देश की रक्षा करना’.

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पिंक (No Means No)

महानायक अमिताभ बच्चन ने जब कोर्ट के भीतर खड़े होकर ‘No Means No’ कहा तो दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट थमने का नाम ही नहीं ले रही थी.

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ऐ दिल है मुश्किल (इक तरफा प्यार की ताकत…)

रणबीर कपूर और अनुष्का शर्मा को लेकर करण जौहर ने फिल्म ‘ऐ दिल है मुश्किल’ बनाई. इस फिल्म में बेहतरीन डायलॉग्स भी मौजूद थे. जैसे ‘इकतरफा प्यार की ताकत ही कुछ और होती है, औरों के रिश्तों की तरह ये दो लोगों में नहीं बंटती’. यह डायलॉग इस फिल्म का सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला डायलॉग रहा.

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ढिशूम (कमाता हूं दिरहम में…)

वरुण धवन और जॉन अब्राहम की फिल्म ‘ढिशूम’ का यह डायलॉग भी काफी चर्चा में आया. ‘कमाता हूं दिरहम में लेकिन खर्चता हूं रुपये में, खाता हूं इनकी लेकिन सुनता हूं सिर्फ मोदीजी की.’

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सुल्तान (कोई तुम्हें तब तक नहीं हरा सकता…)

सलमान खान की फिल्म ‘सुल्तान’ का डायलॉग जो काफी फेमस हुआ जिसमें कहा गया. ‘कोई तुम्हें तब तक नहीं हरा सकता जब तक कि तुम खुद से ना हार जाओ’.

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दंगल (म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के)

साल के आखिर में आई फिल्म ‘दंगल’ में जब आमिर खान अपनी पत्नी से कहते हैं- ‘म्हारी छोरियां छोरों से कम हैं के’ और हर तरफ सीटियां और तालियां बजने लगती हैं.

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एयरलिफ्ट (आदमी की फितरत ही होती है…)

साल 2016 की शुरुआत में अक्षय कुमार और निमरत कौर स्टारर फिल्म ‘एयरलिफ्ट’ का डायलॉग ‘आदमी की फितरत ही होती है, चोट लगती है तो सबसे पहले आदमी मां-मां ही चिल्लाता है’ यह डायलॉग काफी प्रसिद्ध हुआ.

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कहानी 2 (जब तक मैं जिंदा हूं ना…)

विद्या बालन स्टारर फिल्म ‘कहानी 2’ का एक डायलॉग काफी फेमस हुआ जब विद्या अपनी बेटी से कहती हैं ‘जब तक मैं जिन्दा हूं ना तुझे कुछ नहीं होगा’. यह हर माँ-बाप का फेवरेट डायलॉग होता है.

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नीरजा (इसकी कुंडली में लिखा था, कुल का दीपक बनेगी ये)

फिल्म में नीरजा की मां के किरदार में शबाना आजमी, नीरजा को कहती हैं कि ‘इसकी कुंडली में लिखा था, कुल का दीपक बनेगी ये’ इस डायलॉग को सुनने के बाद कई दर्शकों की आंखें नम हो जाती हैं.

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डियर जिंदगी (अपने पास्ट के द्वारा वर्तमान को ब्लैकमेल मत होने दो..)

गौरी शिंदे के डायरेक्शन में आलिया भट्ट और शाहरुख खान स्टारर फिल्म ‘डियर जिंदगी’ के संवाद भी काफी अलग थे. शाहरुख आलिया को समझाते हुए कहते हैं- ‘अपने बीते हुए कल (पास्ट) के द्वारा वर्तमान (प्रेजेंट) को ब्लैकमेल मत होने दो, जिससे कि फ्यूचर बर्बाद हो जाए’.

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